बस्ती उजाड़ने को नए सर्वे के बाद दुबारा नोटिस जारी करेगा जल विद्युत निगम
विकासनगर। शक्ति नहर किनारे बसी बस्ती को उजाड़ने से पहले जल विद्युत निगम एक बार फिर नोटिस जारी करेगा। यह खुद निगम के अधिशासी अभियंता ने स्वीकार किया है। बकौल अधिशासी अभियंता पहले किए गए सर्वेक्षण में कुछ गलतियां हुई हैं, जिन्हें सुधारने के लिए दोबारा सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद नए सिरे से बस्ती के बाशिंदों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उत्तराखंड जल विद्युत निगम की ओर से शक्ति नहर किनारे 69 करोड़ की लागत से सोलर प्लांट लगाए जाने के लिए बस्ती को उजाड़ने का फरमान जारी किया गया है। यूजेवीएनएल के अनुसार शक्ति नहर के किनारे उसकी जमीन पर अवैध बस्ती बसी हुई है। वर्तमान में इस बस्ती में डाकपत्थर से लेकर कुल्हाल तक नौ सौ परिवार बसे हुए हैं, जिनमें से पांच सौ परिवारों को बस्ती खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। स्थानीय बाशिंदों के अनुसार बस्ती की बसागत पांच दशक पुरानी है। इसी तथ्य को लेकर बस्ती के बाशिंदे यूजेवीएनएल की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बस्ती को उजाड़ने के विरोध में कुछ लोगों ने हाई कोर्ट में रिट भी दायर की है। नैनीताल हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखने के बाद अधिशासी अभियंता अभय कुमार ने हिंदुस्तान संवाददाता को बताया कि पिछले सर्वे में कुछ खामियां रह गईं थीं, जिसे अब ठीक किया जा रहा है। इसके लिए इन दिनों दोबारा सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद जो भी मकान ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित किए जाएंगे, उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर बस्ती खाली करने का समय दिया जाएगा।
