नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दस साल की सजा
देहरादून
नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज पंकज तोमर ने दोषी पर कुल 24 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इनमें बीस हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे। शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार सिंह ने बताया कि पांच जून 2019 को विकासनगर थाने में 17 वर्षीय किशोरी के चाचा ने मुकदमा दर्ज कराया। बताया कि उनकी बेटी चार जून 2019 को दोपहर 12 बजे कोचिंग के लिए गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। केस दर्ज करने के चार दिन बार आरोपी अन्नू जेम्स (22) निवासी छोटूवाला, विकासनगर को दून रेलवे स्टेशन से पीड़िता संग गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने जांच की। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि वह घटना के दिन अपनी क्लास में गई थी। वहां से उसे अन्नू जेम्स अपने साथ पहले आईएसबीटी और फिर वहां से बस में बैठाकर दिल्ली लेकर गया। वहां पहले से लिए किराये के कमरे में आरोपी ने पीड़िता का रखा। कमरे में जबरन उसने पीड़िता से दुष्कर्म किया। पीड़िता का मेडिकल कराने के साथ ही अन्य साक्ष्यों के साथ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। ट्रायल शुरू हुआ तो अभियोजन की ओर से सात और बचाव पक्ष की ओर से कुल दो गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने पीड़िता के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अन्नू जेम्स को नाबालिग से दुष्कर्म के दोष में दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड भी लगाया।
