UTTARAKHAND

मैसेज सिस्टम से गन्ना खरीद पर्ची मिलने से किसान परेशान

रुड़की। चीनी मिल की गन्ना खरीद पर्ची इस बार मैसेज सिस्टम से आने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि पुरानी व्यवस्था की तरह मैसेज के साथ-साथ गन्ना पर्ची भी जारी की जाए। इसके अलावा चीनी मिल की ओर से ग्रामीणों की मांग पर भी गन्ना क्रय केंद्र नहीं खोले जाने से किसान नाराज हैं। नए गन्ना पेराई सत्र में किसानों को गन्ना खरीद पर्ची जारी नहीं की जा रही है। किसानों के मोबाइल पर ही मैसेज भेजकर उससे ही गन्ने की तौल कराई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेता अरविंद कुमार राठी ने बताया कि नई व्यवस्था में किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान अभी इतना आधुनिक नहीं हुए हैं। ज्यादातर किसानों के पास मोबाइल तक नहीं है। कुछ किसानों के पास मैसेज भी नहीं आ पा रहे हैं। किसी का मोबाइल सिम बदल चुका है। लिहाजा पुरानी व्यवस्था की तरह मैसेज के साथ-साथ गन्ना पर्ची भी जारी की जाए। इसके अलावा हाईवे पर वाहनों का अधिक दबाव होने के कारण स्थानीय गांव के किसान चीनी मिल से गन्ना क्रय केंद्र खोले जाने की मांग कर रहे हैं। जिससे कि दुर्घटना में जान माल की हानि नहीं हो। पूर्व में चीनी मिल में गन्ना डालने जाते समय किसानों के साथ बड़े-बड़े हादसे हो चुके हैं। कई किसानों की जान जा चुकी है और काफी किसान हादसों में अपंग होकर घर बैठे हुए हैं। उन्होंने मांग उठाई की चीनी मिल में गन्ना तोल कराने जाते समय हाईवे पर हुए हादसे में घायल किसानों को चीनी मिल की तरफ से मुआवजे का प्रावधान होना चाहिए। राठी ने कहा कि चीनी मिल किसानों को घटतौली कर भारी हानि पहुंचाती है। इस बार इस पर पूर्ण रोक लगाने के लिए यूनियन टीम तैयार कर रही है। साथ ही सरकार को घटतौली करने वाली मिल पर कठोर कार्रवाई किए जाने का प्रावधान बनाना चाहिए।

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