जवाबदारों से सांठगांठ से धड़ल्ले से हो रही गोवंश का अवैध परिवहन
धार,
धार जिले के उमरबन क्षेत्र से गुजरकर महाराष्ट्र की ओर लगातार गोवंश परिवहन हो रहा है लेकिन जिम्मेदेार इस पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। इसे लेकर गोवंश रक्षकों और जनप्रतिनिधियों में चिंता है। लगातार अवैध परिवहन एवं उपयुक्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आम लोगों में मौन आक्रोश भी है। गोवंश रक्षकों का कहना है कि धामनोद थाना क्षेत्र से गोवंश से भरे करीब 100 से अधिक अवैध वाहन प्रतिदिन गुजर रहे हैं जिन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं। यह सब सांठगांठ से चल रहा है। गोवंश परिवहन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले देवा मल्होत्रा ने बताया कि अधिकतम गोवंश राजस्थान सीमा क्षेत्र एवं नीमच के आसपास से वाहनों में भर कर महाराष्ट्र ले जाया जाता है। इसमें लिप्त लोग इतने चालक होते हैं कि रास्ते में वाहन को रोकने वाले जवाबदमारों से सांठगांठ कर वाहन को आगे की ओर निकाल देते हैं। राजस्थान से निकलने के बाद रास्ते में कई जगह होता है बाद महाराष्ट्र के धूलिया, मालेगांव और अन्य शहरों में गोवंश को ले जाते जाया जाता है और बेरहमी से मार दिया जाता है। कुछ माह पूर्व एक वाहन में भरे पशुओं की दर्दनाक मौत की घटना ग्राम सिमराली में हुई थी जिसमें दुर्घटनाग्रस्त वाहन में ठूंस-ठूंसकर करीब 30 गायें भरी थीँ। इसमें करीब 25 गायें मृत थीं। बड़ी संख्या में मृत गायों को तब हिंदू संगठन की मौजूदगी में हाईवे पर जेसीबी से गड्डा खोदकर गाड़ा गया था बाद पुलिस द्वारा कुछ वाहनों पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई थी कुछ दिन बाद यह सिलसिला रुका भी लेकिन अब फिर शुरु ाहे गया है। गोवंश तस्कर नए-नए तरीकों से परिवहन करते हैं। वाहन मालिको को चार गुना भाड़ा मिलता है। रास्ते का खर्च अलग दिया जाता है। गोवंश को महाराष्ट्र तक ले जाया जाता है और वहां उन्हें बेच दिया जाता है वह गोवंश जो दुधारु नहीं होता, दस हजार के आसपास खरीद कर जब महाराष्ट्र में बेचा जाता है तो उसकी कीमत पांच गुना अधिक हो जाती है। अब लोगों ने इस गोरखधंधे में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
