गरीबों के आशियानों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा: अरोरा
रुद्रपुर। विधायक शिव अरोरा ने कहा कि फाजलपुर महरौला का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिस पर निर्णय आना है। यहां रह रहे 4000 परिवार न तो नजूल की जमीन पर रह रहे हैं और न ही सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से 1500 परिवारों को नोटिस भेजकर उजाड़ा जाना गलत है। प्रशासन को इसके समाधान का रास्ता निकालना चाहिए था न कि गरीबों को उजाड़ने का रास्ता तलाशना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगर कोई तकनीकी पहलू होगा तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। गरीबों के आशियानों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। विधायक अरोरा रविवार को फाजलपुर महरौला फेस-5 स्थित प्रांगण में आयोजित महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फाजलपुर महरौला का मामला काफी पुराना है। यहां रह रहे गरीब परिवारों ने जीतोड़ मेहनत कर अपना आशियाना बनाया है। वर्ष 2017 में हाईकोर्ट की ओर से यथास्थिति बनाए रखने की बात कही गई थी। जिला प्रशासन से सीलिंग मुक्त जमीन का सर्टिफिकेट लेने के बाद लोगों ने अपने आशियाने बनाए। अब उन्हें बताया गया है कि उनके मकान और दुकान सीलिंग की जमीन पर बने हुए हैं और उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। विधायक ने कहा कि गरीबों को अपना आशियाना बनाने में तीन पीढ़ियां लग जाती हैं। इसके बाद उन्हें भवन स्वामी होने का हक मिल पाता है। विगत दिनों प्रशासन की कार्रवाई से फाजलपुर महरौला, प्रीत विहार और लोक विहार के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की आंखों में आशियाना उजड़ने का खौफ साफ नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ संघर्ष करेंगे और आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने का प्रयास करेंगे। इस दौरान भाजपा नेता सुरेश कोली, पार्षद सुशील यादव, हरभजन सिंह, विक्रांत सक्सेना, जफरनामा बेगम, त्रिलोचन सिंह, राजवीर, डालचंद, ललित बिष्ट, लालवचन, जसविंदर सिंह, जितेंद्र कोली, ललित बिष्ट, गजेंद्र प्रजापति, मयंक कक्कड़, धर्मेंद्र आर्य समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
