समावेशी बजट में सभी के हितों का ध्यान रखा गया है: अग्रवाल
नई टिहरी। शहरी विकास एवं जनपद के प्रभारी मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल और टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि केंद्रीय आम बजट 2023-24 अमृतकाल का ऐसा पहला बजट है, जिसमें आजादी के 100 साल बाद के सशक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प दिखाई देता है।
प्रेस क्लब में मंत्री अग्रवाल व विधायक ने पत्रकारों से बातचीत में यह कहा। उन्होंने कहा कि इस समावेशी बजट में सभी के हितों का ध्यान रखा गया है। किसान, मध्यम वर्ग, महिला, युवा व बुर्जुग के साथ-साथ औद्योगिक एवं प्रौद्योगिकी विकास की स्पष्ट रूपरेखा दिखती है। बजट की अवधारणा समावेशी विकासपरक, वंचितों को वरीयता एवं अन्तिम छोर तक पहुंचना है। निवेश, क्षमता विस्तारण, हरित विकास, युवा शक्ति, वित्तीय क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। बजट से केन्द्रीय करों में राज्य का अंश बढ़ गया है। गत वर्ष में प्रावधानित धनराशि के सापेक्ष लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ उत्तराखण्ड को लगभग 11420 करोड़ की प्राप्ति की सम्भावना है। इस बजट में 50 वर्ष के लिए ब्याज मुक्त ऋण को एक वर्ष के लिए पुनः विस्तारित किया गया है। योजना के अन्तर्गत परिव्यय बढ़ा दिया गया है, जिससे आगामी वर्ष में पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन में फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि जनता को समर्पित यह बजट पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच को साकार करने में सफल होगा।कृषि के क्षेत्र में परम्परागत कृषि और मिलेट (मोटा अनाज) को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। खेती में स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित किया जायेगा। प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए पीएम प्रणाम योजना की शुरूआत की जायेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि जी-20 सम्मेलन का आयोजन लगभग 54 स्थानों पर किया जा रहा है। यह गौरव की बात है कि इसमें दो कार्यक्रम राज्य में भी होने है। जी-20 सम्मेलन के माध्यम से उत्तराखण्ड की संस्कृति को बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को परोसने एवं यहां की आबोहवा को विश्व पटल पर पहचान मिलेगी।
