Friday, October 16, 2026
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आरबीआई को लोन की ब्याज दर कम करना था : डॉ. विश्वकर्मा

जबलपुर,

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर द्वारा मौद्रिक नीति की घोषणा पर अर्थशास्त्री युवा आर्थिक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत आर्थिक परिषद के ई.सी. मैम्बर एवं मध्यप्रदेश के प्रभारी डॉ. देवेन्द्र विश्वकर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अक्टूबर, नवंबर, एवं दिसंबर यह तीनों माह त्योहारों एवं बाजारों के लिए होते हैं इन महीनों में हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत होती है जिसका लाभ उद्योग एवं व्यापार को अधिक होता है, परंतु महंगाई एवं पूंजी के कमी के कारण अभी बाजार में कुछ मंदी है, अगर आरबीआई के द्वारा होम लोन एवं अन्य लोन की ब्याज दर में कमी करता तो लोग अपनी जरूरतों के लिए होम लोन एवं अन्य लोन लेकर लोग घर खरीदते, गाड़ी खरीदते आदि से क्रय विक्रय बढ़ता, उत्पादन बढ़ता, रोजगार की मांग और रोजगार बढ़ता, गरीब अमीर और उद्योग को लाभ होता साथ ही साथ सरकार को जीएसटी एवं अन्य टैक्स बाजार के क्रय विक्रय अधिक होने से प्राप्त होता अर्थात बाजार में जितना अधिक पैसा आता उतना अधिक व्यापार होता। सरकार को भी टैक्स अधिक मिलता और एक आम व्यक्ति भी अपनी जरूरत को पूरा कर सकता था।

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