पशुओं को छोड़ा तो होगी तीन माह की जेल
सीतापुर
प्रदेश सरकार ने पशुओ को छोडने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि जनपद के विभिन्न अंचलों से निरन्तर छुट्टा गोवंश छोड़े जाने के कारण फसलों एवं जनमानस को नुकसान पहुंचने की शिकायतें लगातार बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही है। नगर पालिका अधिनियम की धारा-255 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए उप्र पंचायतराज मैनुअल के अध्याय-4 के अन्तर्गत धारा-15 छुट्टा पशु और पशुधन के विरूद्ध निवारक कार्यवाही की जाए। प्राविधानों व पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 की धारा-4 के अधीन स्थापित भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत दिशा निर्देश पत्र दिनांक 12.07.2018 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 10 (1) के अनुसार गोवंश छुट्टाध्लावारिस छोड़े जाने पर आईपीसी की धारा-228 एवं 229 के अन्तर्गत कार्यवाही किया जाना प्राविधानित है। इसी क्रम में सेक्शन 11(1) पीसीए एक्ट 1960 के अन्तर्गत किसी भी जानवर को छोडने पर 03 माह तक का दंड भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने जनपद के समस्त पशुपालकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अपना पालतू गोवंश किसी भी दशा में छुट्टा न छोड़े, यदि कोई पशुपालक गोवंश छोड़ता हुआ पाया जाता है तो उस व्यक्ति के विरूद्ध उक्त सुसंगत धाराओं में संबंधित क्षेत्र के थाने में थानाध्यक्ष द्वारा अभियोग पंजीकृत करते हुए कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
