Friday, October 16, 2026
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गुजरात के साबरकांठा जिले में बच्चे चला रहे हैं अपनी बैंक

अहमदाबाद(ईएमएस)। गुजरात के साबरकांठा जिले में बच्चे अपनी बैंक चला रहे हैं। 2009 में शुरू हुई इस बैंक से 16263 बच्चे जुड़ चुके हैं। बाल गोपाल बचत एंड कर्ज को-ऑपरेटिव सोसाइटी बैंक ऊंची दर पर ब्याज देती है। इसमें जमा करने पर बच्चों को अच्छा ब्याज भी मिलता है। इससे ज्यादा बच्चे बचत के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इस बैंक के पास अब 4.822 करोड़ की जामपूंजी है।
को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन अश्विन पटेल के अनुसार कोई भी बच्चा जिसकी उम्र 0 से 18 साल की है। वह इस बैंक में खाता खुलवा सकता है। इसके लिए उनके माता-पिता को 110 रुपये मेंबरशिप के तौर देनी होती है। इसके बाद उन्हें एक गुल्लक दी जाती है। इसमें बच्चे बचत के पैसे रखते हैं। 5 साल की आयु पूरी करने पर उन्हें बचत के बारे में बताया जाता है। बच्चे घर पर आने वाले मेहमानों से मिलने वाले रुपये को भी गुल्लक में रखते हैं। एक महीने बैंक का एक प्रतिनिधि जाता है जिसकी मौजूदगी में गुल्लक खोली जाती है। उसमें पड़े रुपयों को लेकर बच्चे को एक रसीद दे दी जाती है। वे सभी रुपये बैंक में जमा हो जाते हैं।
बैंक में खाता रखने वाले बच्चों में ज्यादा मिडिल क्लास से आते हैं। साबरकांठा और अरवल्ली जिले के 321 गांवों के बच्चे इस बैंक से जुड़े हैं। बैंक की तरफ से बच्चों रुपयों की बचत के अलावा बिजली और दूसरी चीजों की बचत के बारे में प्रोत्साहित किया जाता है।
यह बैंक आम लोगों को 50 हजार रुपये तक कर्ज देती है। यह कर्ज जानवरों की खरीद या फिर छोटे प्रोविजन स्टोर और व्यवसाय के लिए दिया जाता है। बैंक ने कर्ज देकर अभी तक साल 47.47 लाख रुपये का लाभ कमाया है। बैंक के संचालन की जिम्मेदारी व्यस्क बच्चों के पास है। बैंक के कुल खाताधारक बच्चों में से 3000 बच्चे अब व्यस्क हो चुके हैं। वे अपनी धनराशि को निकालने के योग्य हो चुके हैं। को-ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन अश्विन पटेल के अनुसार बैंक अच्छी आदतों को प्रोत्साहित करती आ रही है।

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