Friday, October 16, 2026
UTTARAKHAND

राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त संगीत शिक्षिका चंद्रलेखा का निधन

देहरादून।

मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज की सेवानिवृत्त संगीत शिक्षिका राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त चंद्रलेखा त्रिपाठी ‘चांद दीदी का 80 सांल की उम्र में निधन हो गया है। चंद्रलेखा सेवानिवृत्ति के बाद भी बच्चों को संगीत की निःशुल्क शिक्षा दे रही थीं। बीती मध्य रात्रि उनकी अचानक तबियत खराब हुई और तड़के साढ़े तीन बजे उनका निधन हो गया। उनके निधन पर राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों सहित शहरवासी ने गहरा दुख व्यक्त किया। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया। मालूम हो कि स्व केश्वानंद त्रिपाठी की पुत्री चंद्रलेखा त्रिपाठी का जन्म 8 मई 1941 को मसूरी में ही हुआ था तथा यहीं पर मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज में शिक्षा ग्रहण करने के बाद विद्यालय में ही संगीत शिक्षिका के रूप में सेवा की। पदमश्री सिने अभिनेता स्व। टॉम आल्टर, लोक गायिका मीना राणा, आवाज पंजाब फेम मनु वंदना समेत कई हस्तियों ने उनसे संगीता सीखा। उन्होंने चंद्र कुंवर बर्त्वाल की कविताओं को गीत के रूप में भी प्रस्तुत किया। उन्होंने शादी नहीं की। अपने भाई शिक्षाविद नवीन त्रिपाठी और पूर्व आईजी मनोरंजन त्रिपाठी के साथ मलिंगार के समीप छावनी क्षेत्र में निवास करती थीं। निधन पर मंत्री गणेश जोशी, पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल, महामंत्री कुशाल राणा, लेखक गणेश शैली, रोटरी अध्यक्ष अर्जुन कैंतुरा, राकेश अग्रवाल, मेघ सिंह कंडारी, छावनी के पूर्व उपाध्यक्ष महेश चंद, पूर्व सभासद रमेश कन्नौजिया, पुष्पा पडियार, भाजपा महिला मोर्चा की जिला कोषाध्यक्ष अनीता पुंडीर, कमल शर्मा, मातृशक्ति की अध्यक्ष स्मृति हरि, अधिवक्ता व मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज के प्रबंधक मनोज शैली, प्रधानाचार्या अनीता डबराल, प्रभा थपलियाल, शूरवीर भंडारी, सुभाषिनी बर्त्वाल, आरएनबी के प्रधानाचार्य अनुज तायल ने उनके निवास पर जाकर शोक व्यक्त किया।

 

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