उपद्रव और हिंसा में पुलिस ने अभी तक 337 लोगों को गिरफ्तार किया
लखनऊ
भाजपा से निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव और हिंसा में पुलिस ने अभी तक 337 लोगों को गिरफ्तार किया है। सर्वाधिक 92 आरोपित प्रयागराज से गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन कैमरे से की गई वीडियो ग्राफी से भी पुलिस हिंसा में शामिल आरोपितों या उनकी किसी भी तरह से मदद करने वालों की तलाश में जुटी है। प्रयागराज में कानपुर की तर्ज पर पुलिस उपद्रवियों के पोस्टर लगाने की तैयारी में है।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार की शाम सात बजे तक प्रदेश के आठ जिलों से 337 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में नौ जिलों में 13 एफआइआर दर्ज हुई हैं। एडीजी ने बताया कि प्रयागराज में 92, सहारनपुर में 83, हाथरस में 52, मुरादाबाद में 40, अंबेडकरनगर में 41, फिरोजाबाद में 18, अलीगढ़ में छह और जालौन में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रयागराज में हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपी जावेद के अवैध घर पर पीडीए ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया है। सहारनपुर में दंगा भड़काने की साजिश करने वाले दो मुख्य आरोपितों के घर पहले ही बुलडोजर से ध्वत किया गया हैं। वहीं योगी सरकार की ओर से पत्थरबाजों पर की गई कार्रवाई को सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने कानून से खिलवाड़ बताया है।
अखिलेश ने कहा था कि ये कहा का इंसाफ है कि जिसकी वजह से देश की पूरी दुनिया में बदनामी हुई उस सुरक्षा दी जा रही हैं, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के घर पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। वहीं इस मामले में मायावती ने प्रदेश सरकार पर हमलावर होकर समुदाय विशेष को टारगेट करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट से इस मामले को स्वता संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने की बात कही थी।
