Friday, October 16, 2026
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विद्युत टैरिफ सुविधा समाप्त किए जाने से ऊर्जा कर्मियों में नाराजगी

विकासनगर। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारियों ने लंबित समस्याओं का निस्तारण नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है। पिटकुल प्रबंधन के साथ बैठक के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि प्रबंधन जानबूझ कर उनकी उपेक्षा कर रहा है, जिससे उनका आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है। पॉवर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन उत्तराखंड के प्रबंध निदेशक के साथ हुई बैठक में यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिससे उनमें रोष पनप रहा है। पिटकुल प्रबंधन में सुनवाई नहीं होने से कर्मचारियों के मनोबल पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। यूनियन के अध्यक्ष केहर सिंह ने प्रबंध निदेशक को बताया कि एक अप्रैल 2020 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों को विद्युत टैरिफ की सुविधा बंद कर दी गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वेतन विसंगति के मामले में भी प्रबंधन चुप्पी साधे हुए है, जबकि वेतन विसंगति के कारण समान पद पर तैनात समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के वेतन में भारी अंतर बना हुआ है। इसके साथ ही टीजी-2 कर्मचारियों को भी एक वेतन वृद्धि की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांग जायज हैं। इन मांगों के पूरा नहीं होने का सीधा असर कर्मियों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है। यूनियन के अध्यक्ष ने पुरानी पेंशन लागू करने की मांग करते हुए कहा कि नई पेंशन योजना के तहत सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल रही है, इसके साथ ही पारिवारिक आर्थिक सुरक्षा का प्रावधान भी नई पेंशन योजना के तहत नहीं है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार है, लिहाजा सभी कर्मचारियों को ये सुविधा दी जानी चाहिए। बैठक में इंसारुल हक, प्रमोद कुमार, संजय राणा, डीके शर्मा, महेंद्र चौहान, जयपाल तोमर, गोविंद नौटियाल, राम सिंह, मनीष जैन, परमेंद्र आदि मौजूद रहे।

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