आज से शुरु हो रहा टीकाकरण अभियान का पूर्वाभ्यास, पीएम मोदी ने कहा, अफवाहों से सावधान रहे
नई दिल्ली
भारत में शनिवार से कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान का पूर्वाभ्यास किया जाना है। इस बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर तरह-तरह की अफवाहें उठ रही हैं। इसकारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अफवाहों के प्रति लोगों के सतर्क किया है। उन्होंने कहा कि यह बिना सोचे-समझे कि मानवता का कितना नुकसान होगा, अनगिनत झूठ फैला रहे हैं, और आगे भी ऐसा होता रहेगा, लेकिन हम लोगों को अफवाहों का शिकार नहीं होना है।
कोरोना वैक्सीन बनने वाली कंपनी फाइजर, मॉडर्ना और एस्ट्राजेनेका के प्रवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि उनके कोविड-19 वैक्सीन में सुअर के मांस से बने उत्पादों का इस्तेमाल नहीं हुआ है। वैसे टीकों के भंडारण और ढुलाई के दौरान उनकी सुरक्षा और प्रभाव बनाए रखने के लिए सुअर के मांस (पोर्क) से बने जिलेटिन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। हालांकि, कुछ कंपनियां सुअर के मांस के बिना टीका विकसित करने पर कई साल तक काम कर चुकी हैं। वहीं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शीर्ष इस्लामी निकाय यूएई फतवा काउंसिल के अध्यक्ष शेख अब्दुल्ला बिन बय्या, इजराइल की रब्बानी संगठन श्जोहरश् के अध्यक्ष रब्बी डेविड स्टेव जैसे इस्लामी संगठन और सिडनी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉक्टर हरनूर राशिद जैसे विद्वान कोरोना टीकों में पोर्क (सुअर के मांस) के जिलेटिन का इस्तेमाल होने पर भी मुसलमानों के लिए जायज करार दे चुके हैं। इनका कहना है कि अगर कोई और विकल्प नहीं है,तब कोरोना टीकों को इस्लामी पाबंदियों से अलग रखा जा सकता है क्योंकि पहली प्राथमिकता मनुष्य का जीवन बचाना है। इन सभी का कहना है कि अगर इंजेक्शन के तौर पर ले, खाए नहीं तब यह जायज है और इससे कोई दिक्कत नहीं है। बीमारी की हालत में इसका इस्तेमाल विशेष रूप से जायज है।
वहीं अब कोरोना वैक्सीन के नाम पर जबर्दस्त फर्जीवाड़ा भी हो रहा है। लोगों के फोन आ रहे हैं कि कोरोना का टीका लगाना है,तब रजिस्ट्रेशन करवा लें। फिर रजिस्ट्रेशन के लिए पैसे मांगे जाते हैं। इसकारण स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से बचने की अपील की है। गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर श्रीकांत तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के सिलसिले में कोई फोन कॉल नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाने का काम अगले साल जनवरी के तीसरे हफ्ते से शुरू होगा और इस वक्त वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन का कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा है। तिवारी ने कहा कि वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर की जाने वाली कॉल के दौरान किसी भी तरह के विवरण का खुलासा ना करें क्योंकि हो सकता है कि साइबर अपराधी इसका फायदा उठा लें।
