Friday, October 16, 2026
UTTAR PRADESH

7 वर्ष  बाद भी उप्र के कुछ ही फामेर्सी संस्थानों ने ब्रिज कोर्स किया संचालित

लखनऊ।
डिप्लोमा फार्मेसिस्टो विशेष तौर पर विभिन्न संस्थानों में कार्यरत डिप्लोमा फार्मेसिस्टों को 2 वर्ष का ब्रिज कोर्स करा कर बैचलर आॅफ फामेर्सी ,बी फार्म प्रैक्टिस की डिग्री प्रदान किए जाने की महत्वाकांक्षी योजना उप्र में अभी तक प्रभावी नहीं हो सकी है।फामेर्सी काउंसिल आफ इंडिया द्वारा यह रेगुलेशन पास किए जाने के बाद आज लगभग 7 वर्षों के बीतने के बाद भी अभी उप्र के महज कुछ ही संस्थानों ने बी फार्म प्रैक्टिस का कोर्स शुरू किया है । शनिवार को फार्मेसिस्ट फेडरेशन उप्र की वर्चुअल बैठक में यह मांग उठने के बाद फेडरेशन के अध्यक्ष एवं फामेर्सी कौंसिल के पूर्व चेयरमैन सुनील यादव ने एकेटीयू के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर उन से अनुरोध किया है कि उन सभी संस्थानों में जहां बैचलर फार्मेसी की अन्य उच्च शिक्षा दी जा रही है वहां पर बैचलर आॅफ फार्मेसी प्रैक्टिस ब्रिज कोर्स तत्काल शुरू किए जाएं जिससे डिप्लोमा फार्मेसिस्ट अपने ज्ञान और योग्यता में वृद्धि कर जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं दी सकें। यादव ने कहा कि समाज के बदलते परिवेश और जनता की आवश्यकता को देखते हुए अनेक उन विषयों पर व्यवहारिक ज्ञान बढ़ाया जाना आवश्यक है जो मरीजों के उपचार, रोगों की पहचान, बचाव आदि से संबंधित है ।कहा इस कोर्स को चलाने के लिए वे संस्थान अधिकृत हैं जिनकी जो अपने यहां बी फार्म या उच्च फार्मेसी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं ।कहा  उप्र में अधिकांश बी फार्म के कॉलेज एकेटीयू द्वारा संचालित है परंतु एकेटीयू ने अभी तक यहां फार्म प्रेक्टिस कोर्स लागू ही नहीं किया है जिसके कारण चाह कर भी अनेक संस्थान इसे अपने यहां संचालित नहीं कर पा रहे हैं ।कहा 4 वर्ष की फामेर्सी प्रैक्टिस कर चुका पंजीकृत डिप्लोमा फार्मेसिस्ट इस कोर्स के लिए योग्य है ।संयोजक एवं फीपो के अध्यक्ष केके सचान, डीपीए के प्रदेश अध्यक्ष सन्दीप बडोला ने कहा कि  इस कोर्स के संचालित ना होने से प्रदेश के फार्मेसिस्ट चाह कर भी अपनी योग्यता में वृद्धि नहीं कर पा रहे।कहा निश्चित ही रोगों के निदान उपचार से संबंधित अनेक विषयों को समाहित करते हुए यह कोर्स अत्यंत जनहित वाला है । बढ़ती बीमारियों और कोविड काल मे स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए ब्रिज कोर्स मील का पत्थर साबित हो सकता है । फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि ब्रिज कोर्स में विभिन्न रोगों की पहचान, औषधियों के प्रभाव, दुष्प्रभाव, उत्सर्जन, पैथालोजिकल जांचें, रोगों से बचाव , संक्रामक रोगों , गंभीर बीमारियों, हृदय रोगों सहित विभिन्न रोगों के निदान,परीक्षण, जांच, उपचार आदि का विस्तृत अध्ययन कराया जाएगा। फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपी नायक, उपाध्यक्ष ओपी सिंह, जिला अध्यक्ष एसएन सिंह, सचिव जीसी दुबे, डीपीए के जनपद अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, मंत्री वीपी सिंह, दिलीप तिवारी, संरक्षक आरएनडी द्विवेदी, अखिल सिंह, राजेश यादव, शिरीष मिश्रा ने कहा कि जल्द ही राज्यपाल से मिलकर बीएचयू सहित प्रदेश के अन्य फार्मेसी संस्थानों में इसका संचालन प्रारंभ करने के लिए मांग की गयी है।

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