पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण की समाप्ति हो : विजय
लखनऊ ।
अटेवा के आह्वान पर पूरे प्रदेश में शिक्षक व कर्मचारियों ने सभी राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों को मेल कर पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण की समाप्ति की मांग की। ईमेल के माध्यम से सभी विपक्षी दलों से मांग की गयी कि पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण की समाप्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को आगामी विधानसभा चुनाव में जारी किए जाने वाले घोषणापत्र में शामिल करें। अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि नयी पेंशन व्यवस्था अत्यंत शोषणकारी है। इस व्यवस्था से उत्तर प्रदेश के 13 लाख सहित देश के 70 लाख शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित हैं। अगर पुरानी पेंशन बहाल होती है तो देश में करोड़ों लोगों तक इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि निजीकरण करना देश के सार्वजनिक संपत्तियों को चंद हांथों में देना, देश की जनता के साथ अन्याय है इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। क्योंकि निजीकरण निम्न व मध्य वर्ग के खिलाफ अमीरों का षडयंत्र है । अटेवा के महामंत्री डॉ. नीरज पति त्रिपाठी ने कहा अगर सरकार नहीं चेतती है तो बड़ेे आंदोलन को हम बाध्य होंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि विधान सभा चुनाव निकट है यदि सरकार इस मुद्दे पर कदम नहीं उठाया तो शिक्षकों व कर्मचारियों के आक्रोश झेलने के लिए तैयार रहे !
