Friday, October 16, 2026
UTTAR PRADESH

आर्थिक तंगी के कारण होनहार छात्रा नहीं कर पाई पढ़ाई तो फांसी लगाकर दे दी जान 

कानपुर

सिकंदरा थाना क्षेत्र के दयानतपुर गांव में शनिवार की देर शाम एक होनहार छात्रा ने अपनी जीवन लीला खुद ही समाप्त कर ली। उसकी खुदकुशी से न केवल ग्रामीण स्तब्ध हैं बल्कि सरकार का बेटी पढ़ाओ और बेटी बढ़ाओ के नारे की आवाज भी कहीं चुप सी हो गई है। पिता की मुफलिसी में ने होनहार छात्रा की जान ले ली।

योजनाओं का बखान करने वालों दावों की खुली पोल 
उसकी खुदकुशी ने उन सभी के दावों की पोल खोल दी, जिसमें बेटी के लिए योजनाओं का बखान किया जाता रहा है। छात्रा ने आर्थिक तंगी के कारण घर में दुपट्टे के फंदे से फांसी लगा जान दे दी, इसकी वजह नौवीं कक्षा में प्रवेश न मिल पाना रहा। इस बात को लेकर पिता स्वयं को कोसते रहे। पुलिस ने परिवार व आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली।

दयानतपुर गांव निवासी सुधीर कुमार भूमिहीन हैं और मजदूरी के सहारे ही परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के बाद से ही काम मिलने में समस्या हो रही थी। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। 14 वर्षीय बेटी शिवानी ने कांधी स्थित एक स्कूल से कक्षा आठ की परीक्षा पास की थी और आगे पढ़ना चाहती थी। नौवीं कक्षा में प्रवेश के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन रुपये न होने के कारण समस्या हो रही थी। प्रवेश न हो पाने के कारण बेटी तनाव में रहती थी। यह नहीं पता था कि बेटी ऐसा कदम उठा लेगी। उन्होंने बताया कि सभी लोग घर के बाहर थे। इसी दौरान बेटी ने घर के अंदर छत की धन्नी के सहारे दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। हादसे के बाद घर में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी होते ही गांव वाले भी स्तब्ध रह गए। थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है। वहीं प्रशासन द्वारा अभी घटना का संज्ञान नहीं लिया गया है।

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