Friday, October 16, 2026
STATE NEWS

बिना नियम चल रही क्रेशर मशीन व खदान अधिकारियों की मिलीभगत हुई उजागर

रीवा।

खनिज व अन्य वभिागों द्वारा भले ही अवैध खदान तथा नियम को ताक पर रखकर चल रहे क्रेशर के खिलाफ कार्रवाई करते आ रही हो, लेकिन कस्बाई क्षेत्रों में यह गैर कानूनी कार्य बेखौफ चल रहे हैं। जिसकी वजह से एक ओर अवैध कार्य में लिप्त माफिया लाखों रुपये की प्रतिमाह कमाई में जुटा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ शासन को प्रतिमाह इतने ही राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है। विभाग द्वारा खदान के लिए स्वीकृति दी जाती है। वहीं सरहंगों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अवैध खदान का संचालन लगातार किया जा रहा है। वहीं सरहंगों द्वारा नियम को ताक पर रखकर अवैध खदान का संचालन लगातार किया जा रहा है। जिसकी वजह से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्रेशर से उड़ती धूल लोगों को बीमार कर रही है। वैसे तो पूरे जिले में खनिज माफिया का एकछत्र रााज कायम है। लेकिन सबसे ज्यादा जिले के पूर्वी उत्तरी छोर खनिज माफिया द्वारा राजस्व जमीन से लेकर जंगल के अंदर खुलेआम नियम कानून को ताक में रखकर पहाड़ी क्षेत्र में आधा दर्जन की संख्या में अमानक स्तर के लगे क्रेशर मशीनें पर्यावरण की धज्जियां उड़ा रहे हैं। आलम यह है कि इन क्रेशर मशीनों से निकले वाला धूल क्षेत्र में निवासरत लोगों को धूल के रूप में निकली दूषित हवा सांसों में घुलकर दमा जैसी जानलेवा बीमारियों को निमंत्रण देती नजर आ रही है। वहं इसी तरह क्षेत्र में सैंकड़ों की संख्या में अवैध रूप से ढोका पटिया पत्थर की खदानें लगाकर इन खदानों को निकला बेशकीमती पत्थर बेखौफ वाहनों में लाद कर उत्तर प्रदेश, बिहार में बिक्री कर रहे हैं, लेकिन जिले के पूर्वी उत्तरी क्षेत्र में वन एवं खनिज अमले द्वारा इन अवैध खनिज कारोबारियों पर आज तक कोई खास कार्रवाही नहीं की गई। जिसका परिणाम रहा कि दूसरे क्षेत्र में आज की स्थिति में जहां नियम विरुद्ध मशीनें संचालित हैँ। वहीं प्रशासन की अनदेखी में चल रहा अवैध कारोबार अंचल की सीमा से लगे पत्थर तहसील अंतर्गत आने वाले शंकरपुर महेबा में सारे नियमों को ताक में रखकर चल रही क्रेशर मशीनें जहां क्षेत्र की आबो हवा प्रदूषित कर रहे हैं। वहीं धरती की कोख को छलनी करते नजर आ रहे हैं। अवैध रूप से संचालित यह पत्थर की खदानों में बेशकीमती ढोका पत्थर गिट्टी व पटिया जिम्मेदार खनिज विभाग सहित पुलिस, चेकपोस्ट के रास्ते वाहनों में लादकर खनिज माफियाओं द्वारा दिनदहाड़े उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य तक पहुंचाई जा रही है। तो इन्हीं खनिज माफियाओं द्वारा पत्थर तोड़वाकर अंचल के दर्जनों स्थानों पर ढोका गिट्टी, पत्थर के स्टाक लगाए गए हैँ। जहां से खनिज अन्य स्थानों में भेजी जाती है। जिले के नईगढ़ी तसील सीमा से लगे पहाड़ी क्षेत्र में इन दिनों नियम कानून को ताक में रखकर खनिज विभाग की शह पर क्रेशर मशीनें चल रही हैं। जबकि जनता की मानें तो इनके संचालकों के पास ना तो विभागीय व पर्यावरण प्रदूषण की अनापत्ति है और न ही निर्धारित नियम का पालन किया जाता है। फिर भी खनिज विभाग के आला अधिकारियों की शह पर अवैध खदानें संचालित हैं। अंचल में संचालित अवैध क्रेशर मशीनों एवं खदानों से निकले खनिज को बिना रमन्ना रॉयल्टी के खनिज माफिया द्वारा क्षेत्र के ग्राम पंचायत से लेकर राज्य की सीमा से लगे दूसरे राज्यों में पहुंचाया जाता है जिसकी प्रतिमाह लाखों रुपए की शासन को क्षति हो रही है लेकिन जिम्मेदार आला अधिकाीर जान कर भी अंजान बने हुए हैं। क्षेत्र में आधा दर्जन के करीब क्रेशर मशीनें एवं सैंकड़ों की संख्या में चल रही अवैध खदानों का श्रेय जिम्मेदार अमले को है। आम जन की मानें तो खनिज विभाग के आला अधिकारियों सहित अंचल के पुलिस थानों की शह पर यह अवैध खदानें संचालित हैं, जिसके दम पर खुलेआम रात दिन ट्रेक्टरों से लेकर ट्रकों तक में लोड कर बेश कीमती खनिज ढोका, पत्थर, गिट्टी पटिया एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचायी जाती है।

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