डेंगू के इलाज के लिए जांचों का अभाव, निजी लैब वाले कर रहे जांच के नाम पर खुली लूट
इंदौर।
संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने एमवाय अस्पताल का निरीाण कर जनता को यह बताया है कि यहां मरीजों का माकूल इलाज किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि डेंगू का मरीज या अन्य मरीज कई जांचें यहां नहीं हो रही हैं। हर वार्ड में निजी लैब वाले कर्मचारियों की इंट्री है और यह मुंह मांगे दामों पर भर्ती मरीजों के परिजनों से जांच के नाम पर खुली लूट कर रहे हैं। इधर जो जांचें नहीं हो रही हैं उसकी जानकारी डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. संजय दीक्षित को कई बार दी लेकिन नतीजा सिफर ही रहा, फिर भी संभागायुक्त कह रहे हैं कि यहां मरीजों का माकूल इलाज हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू के मरीजों व अन्य मरीजों के लिए जो हमें बार-बार जांच कराना होती है वह यहां हो ही नहीं रही है हम रात दिन एक कर मरीज का इलाज कर रहे हैं लेकिन डीन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इंदौर की भोली-भाली जनता को संभागायुक्त कह रहे हैं कि एमवाय हॉस्पिटल में डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों की भर्ती के लिए अस्पताल में पर्याप्त बेड्स हैं। यह तो सही है लेकिन जब जांच ही नहीं होगी तो डॉक्टर मरीज का कैसे इलाज करेंगे यह नहीं बताया है। इधर बेड्स की संख्या और बढ़ाई जा रही है। एक अतिरिक्त वार्ड भी तैयार किया गया है। इस अतिरिक्त वार्ड में 27 बेड्स रहेंगे। इसके अलावा चाचा नेहरु अस्पताल में भी दस अतिरिक्त बैड की व्यवस्था की जा रही है।
