खनन से जुडे वाहनों के चालकों के डीएल ऐक्ट में परिवर्तन करने की मांग की
विकासनगर।
जन संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि उपखनिज का परिवहन कर रहे वाहनों से लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाई जाए। इसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस ऐक्ट में अमूलचूल परिवर्तन किया जाना आवश्यक है। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह ने विकासनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि खनन सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों से आये दिन दुर्घटनायें हो रही हैं। जिसमें युवा चालकों का तेज रफ्तार वाहन चलाना, नशे की लत, ओवर लोडिंग सहित कई अन्य कारण सामने आये हैं। कहा कि खनन का परिवहन करने वाले वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में प्राय: देखने को मिला है कि 20-25 वर्ष के युवकों द्वारा इन खनन के वाहनों को चलाया जा रहा है। आरोप लगाया कि कई युवा चालक लालच एवं नशे का सेवन कर वाहन चलाते हैं। कई मामलों में ओवरलोडिंग और अवैध उपखनिज ढो रहे वाहन चालक पकड़े जाने के डर से भी वाहन को सरपट दौड़ाते हैं। जिससे दुर्घटनायें घटित होती रहती हैं। जिसमें कई लोगों की जान चली गयी और कई लोगों के अंगभंग होने के कारण वे लाचारी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। नेगी ने कहा कि इन दुर्घटनाओं की रोकथाम को सरकार को उपखनिज के परिवहन में प्रयुक्त होने वाले वाहनों के चालकों की उम्र कम से कम 30 वर्ष अथवा भारी वाहन चलाने का कम से कम 8-10 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होना चाहिए।
