Friday, October 16, 2026
UTTARAKHAND

नंदाष्टमी पर मांगा मां नंदा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

पिथौरागढ़। नंदाष्टमी पर श्रद्धालुओं ने मां नंदा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लाए ब्रह्मकल अर्पित किए और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। वहीं, ढुस्का और चांचरी का गायन भी किया। रविवार को मुनस्यारी के डाडा धार, चुलकोट, सुरिंग, मरतोली, मिलम, बला, पुरदुम, होकरा, समकोट और राथी समेत विभिन्न गांवों में आस्था का प्रतीक नंदाष्टमी पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मां नंदा देवी के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। मां के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा अर्चना की। पूरा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज उठा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों से लाए ब्रह्मकमल अर्पित कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मंदिरों में मेलों का आयोजन हुआ। विवाहित बेटियां भी उत्साह के साथ मायके पहुंची और मेले में शामिल हुईं। मेलों के समापन पर देवडांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीष दिया।
ढुस्का, चांचरी का हुआ गायन, बिखरे संस्कृति के रंग
मुनस्यारी। नंदाष्टमी पर क्षेत्र के नंदा देवी मंदिरों में मेलों का आयोजन हुआ। इस दौरान ढुस्का, चांचरी सहित विभिन्न लोक गीतों का गायन हुआ। लोगों ने इन विधाओं की मनमोहक प्रस्तुति देकर लोगों को लोक संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक दिखाई। पूरे दिन इन लोकगीतों का गायन हुआ।
भजन-कीर्तनों से गूंजे मंदिर
मुनस्यारी। क्षेत्र के सभी नंदा देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद भजन-कीर्तनों का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिर पहुंचकर अपनी आराध्य देवी की स्तुति में भजन-कीर्तनों का गायन किया। इनकी धुन से मंदिर गूंज उठे। देर रात तक भजन-कीर्तनों का दौर चलता रहा।

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