कोरोना काल में भारतीय रेल ने माल लदान की आय में की उच्चतम वृद्धि
लखनऊ
संक्रमण काल के दौरान वित्तीय वर्ष 2020-21 के आरम्भ से भारतीय रेल ने विशेष कार्य योजना बनाकर कार्य करते हुए देश के विभिन्न भागों से माल परिवहन द्वारा लदान कर उसे गन्तव्य स्थानों पर पहुंचाया। देश में आवश्यक उपयोग की वस्तुओं एवं चिकित्सीय सामग्री इत्यादि की उपलब्धता को आम जनमानस तक सुनिश्चित करने के लिए माल गाड़ियों एवं पार्सल टेज्नों के परिचालन द्वारा आपूर्ति के लिए लखनऊ मण्डल द्वारा सफलतापूर्वक कार्य पूरा किया जा रहा है। लखनऊ मण्डल ने रेल कर्मियों के दृढ़संकल्प एवं कठिन परिश्रम से माल लदान मे एक लैंडमार्क हासिल करने में सक्षम रहा है।भारतीय रेल द्वारा वर्ष 2024 तक माल लदान को दोगुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मंडल रेल प्रबन्धक डॉ. मोनिका अग्निहोत्री के निर्देशन में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल के विपणन प्रयासों व माल लदान में अपेक्षित वृद्धि के लिए व्यापारिक संस्थाओं को रियायत एवं मालगाड़ियों की औसत गति में वृद्धि तथा मालगोदामों में अपेक्षित सुधार एवं विकास के कार्यों के फलस्वरूप माल लदान में वृद्धि हो रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष अप्रैल में माल परिवहन द्वारा 111305 टन माल की लोडिंग की गई। जो गत वर्ष 2020 के माह अप्रैल की माल लदान 31821 टन की तुलना मे 266 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के अप्रैल माह मे माल लदान से 19.8 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई जो गत वर्ष 2020 के माह अप्रैल मे प्राप्त आय 5.5 करोड़ रुपये की तुलना मे 260 प्रतिशत अधिक है।माह अप्रैल 2021 में माल लदान में होनी वाली आय पिछले 5 वर्षो के माह अप्रैल की तुलना मे उच्चतम है व पिछले 2 वर्षों में किसी भी महीने के लिए दूसरे उच्चतम स्थान पर है।
