उदयनिधि स्टालिन, शेखर बाबू और सांसद ए राजा के खिलाफ याचिकाएं दायर
चेन्नई
मद्रास उच्च न्यायालय में शुक्रवार को तीन याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमें मांग की गई है कि किस अधिकार के तहत खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन, एचआरसीडब्ल्यू मंत्री शेखर बाबू और सांसद ए राजा अपनी हालिया टिप्पणियों के आलोक में सार्वजनिक पद पर बने हुए हैं। न्यायमूर्ति अनीता सुमंत ने याचिकाकर्ताओं को 11 अक्टूबर तक अपने दावों का सबूत जमा करने का आदेश दिया है। याचिकाएं हिंदू मुन्नानी संगठन के पदाधिकारियों, टी मनोहर, किशोर कुमार और वीपी जयकुमार ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में दायर की हैं।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि जिन मंत्रियोंध्सांसदों ने पक्षपात के बिना और व्यक्तिगत पसंद-नापसंद से दूर नागरिकों के कल्याण के लिए काम करने की शपथ ली है, उन्होंने उन्मूलन के लिए बैठक में भाग लेकर अपनी शपथ और संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ काम किया है। सनातन धर्म और सनातन धर्म के विरुद्ध बोलना।
याचिका में आगे कहा गया है कि मंत्रियोंध्सांसदों ने संविधान के अनुच्छेद 51-ए (सी) (ई) के तहत उल्लिखित मौलिक कर्तव्यों के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है, जो प्रत्येक व्यक्ति पर भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने का कर्तव्य डालता है।
