रैगांव उपचुनाव में खाद के जरिए अपना वोट प्रतिशत बढ़ाएगी सरकार, 30 समितियां चिन्हित
सतना।
जिले की रैगांव विधानसभा क्षेत्र में होने जा रहे उप चुनाव में प्रदेश की भाजपा सरकार सरकारी योजनाओं की बाहार लाने के साथ अब राजनीति की फसल में उर्वरक डालकर मतदान का प्रतिशत अपने पक्ष में करने की तैयारी में है। यही कारण है कि जब जिले में डीएपी ढूंढे नहीं मिल रहा है, तब रैगांव क्षेत्र की समितियों के गोदामों को डीएपी सहित अन्य खाद से भरने की तैयारी है। हालात यह है कि गत दिवस यहां पहुंची एनएइएल की एक हजार एसटी डीएपी रैगांव के ही हिस्से में चली। इस साल खरीफ के बाद रबी सीजन में भी सतना जिला ही नहीं प्रदेश के हर हिस्से में डएपी के लिये हाहाकार मचा हुआ है और आने वाले समय में स्थिति और भी बदतर होने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि तमाम डीएपी सप्लायर कम्पनियों ने पर्याप्त सप्लाई में असमर्थता जताई है, लेकिन कम से कम मतदान होने तक रैगांव के साथ ही प्रदेश के उन विधानसभा क्षेत्रों के किसानों को डीएपी की कमी का अहसास नहीं होने पाएगा। इसके लिये सरकार भोपाल से लेकर जिला स्तर पर तमाम संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौखिक रूप से निर्देशित कर रखा है। इसी का नतीजा है कि सतना को डीएपी की जो थोड़ी बहुत मात्रा रो-धोकर मिल भी रही है वह रैगांव क्षेत्र के किसानों के लिये रिजर्व हो रही है। इस संबंध में खाद वितरण से जुड़े मार्कफेड, सहकारी बैंक और कृषि विभाग स जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार एनएफएल की एक रैक 1375 एमटी यूरिया और 1327 एमटी डीएपी लेकर सतना पहुंची है और गत दिवस यह खाद उतरकर गोदामों में भी पहुंच गई। इसमें से मार्कफेड को 1031 एमटी यूरिया तथा एक हजार एमटी के करीब डीएपी मिली है। एनएफएल की ही 2600 एमटी यूरिया लेकर पहुंची है जिसकी अनलोडिंग होकर ट्रकों के जरिये गोदामों के लिये परिवहन भी जारी है। सूत्रों का कहना है कि सतना मार्कफेड को मिली एक हजार एमटी में करीब 300-300 शेरगंज और सतना सिविल लाइन तथा चार एमटी के करीब डीएपी नागौद स्थित मार्कफेड के गोदाम में भेजी गई है। अब इन गोदामों से रैगांव क्षेत्र की चिन्हित छोटी-बड़ी 30 समितियों को आवंटन जारी है। बताया गया है कि जिले में इस साल रबी सीजन में 20 हजार एमटी डीएपी की खपत का अनुमान है और चनाव अन्य फसलों की बोनी के लिये फेरी तौर पर डीएपी की जरूरत है पर किसानों को नहीं मिल रही। अगले हफ्ते एक रैक डीएपी इफ्को कम्पनी की आने वाली है पर अभी कोई भरोसा नहीं है कि जिले को मिलेगी या रैगांव भेज दी जाएगी।
