सहकारी संघ भी उद्यमी के रूप में नई सोच विकसित करें : मुदगल
भोपाल।
सहकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे विपणन संघ, आवास संघ, बीज संघ और सहकारी बैंकों को उद्यमी के रूप में नई सोच विकसित करके काम करना चाहिए। कई क्षेत्रों में अच्छा काम हो रहा है। इसका और विस्तार होना चाहिए ताकि अधिक से अधिक व्यक्तियों को लाभ मिल सके। यह बात सहकारी प्रबंध संस्थान के डॉ. अमित मुद्गल ने गत दिवस 68वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के अंतर्गत उद्यमिता विकास एवं सार्वजनिक/निजी, सहकारी साझेदारी विषय पर आयोजित संगोष्ठिी में कही। अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में हुई संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में एक विश्वविद्यालय की स्थापना भी होनी चाहिए। वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में मेपसेड की कार्यकारी निदेशक अनुराधा सिंघई ने अमेजन, ओला का उदाहरण देते हुए कहा कि लोागों की आवश्यकता का आंकलन करके सहकारी क्षेत्र में भी नए उद्यम विकसित करना चाहिए। स्थानीय स्तर परउत्पादन, प्रसंस्करण एवं मिशन की व्यवस्था करते हुए आगे काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
