डीईओ ने प्रधानाचार्यों संग शिक्षा की गुणवत्ता पर किया मंथन
विकासनगर। पछुवादून के माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण करने पहुंचे जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक ने गुरुवार दोपहर बाद खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में प्रधानाचार्यों के साथ बैठक माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर मंथन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में वही शिक्षण संस्थान खुद को स्थापित कर सकता जो गुणवत्तापरक शिक्षा देता हो। डीईओ यशवंत सिंह चौधरी ने गुरुवार को पछुवादून के माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाचार्यों के साथ अपने अनुभव साझा किए तो प्रधानाचार्यों को कुछ नसीहतें भी दी। कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए जरूरी है कि शिक्षक और छात्र के बीच संबंध गरिमापूर्ण होने के साथ ही आत्मीय बने रहें। इसके लिए प्रधानाचार्य का मार्गदर्शक और संरक्षक की भूमिका में होना जरूरी है। छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद और आत्मीयता के रिश्ते को बनाए रखने की कड़ी का काम प्रधानाचार्य होता है। प्रधानाचार्य शिक्षक और छात्र दोनों के हितों को देखते हुए विद्यालय का माहौल तनाव रहित व गुणवत्तापरक बनाने के लिए उत्तरदायी होता है। उसे जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी के साथ ही परिवार के मुखिया की भूमिका भी निभानी चाहिए। डीईओ ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में शिक्षा का समावेशी माहौल बनाया जाना जरूरी है, जिससे कि प्रत्येक छात्र को उसके बौद्धिक स्तर के अनुसार शिक्षा मिल सके। उन्होंने विद्यालयों में छात्रों और शिक्षकों के समय पर विद्यालय पहुंचने, छात्रों को उचित संसाधन मुहैया कराने की व्यवस्था करने पर जोर दिया। इसके साथ ही प्रधानाचार्यों के साथ विभिन्न विभागीय बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिनमें आय व्यय की समीक्षा, जीपीएफ और अन्य देयकों की समीक्षा, अटल उत्कृष्ट विद्यालयों की प्रगति, अशासकीय विद्यालयों के संसाधनों और पीटीए शिक्षकों की स्थिति, प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापकों की गोपनीय अख्या की समीक्षा की गई। इस दौरान बीईओ वीपी सिंह, उप शिक्षाधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य आरके सिंह, केएस शर्मा, आरपी अग्रवाल, एसपी खंडूड़ी, एसएस जोशी, शंकर दयाल वर्मा, ओम प्रकाश सिंह, रघुराज सिंह, सुषमा, बीएस राणा आदि मौजूद रहे।
