सदर व विश्वनाथगंज सीट अपने कोटे में लाने के लिए भाजपा की कशमकश जारी
प्रतापगढ़
विधान सभा चुनाव 2022 की घोषणा होते ही पार्टियों के उम्मीदवारों की टिकट पाने के लिए दौड़ धूप बढ़ गई है। चर्चा के मुताबिक विधानसभा चुनाव में भाजपा व अपना दल एस के बीच जिले की सीटों के बंटवारे को लेकर उलटफेर हो सकता है। अपना दल एस से सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा मंथन कर रही है। संघ और पार्टी की ओर से कराए गए सर्वे के बाद सदर व विश्वनाथगंज विधानसभा सीट भाजपा के खाते में जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। वहीं, रामपुर खास व बाबागंज में भी कमल खिलाने की रणनीति बनाई जा रही है। सामान्य जन धारणा के अनुसार रामपुर खास कांग्रेस का अभेद्य गढ़ लम्बे समय से बना है। दिग्गज कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के बाद अब वहां दो बार से उनकी पुत्री आराधना मिश्रा मोना विधायक हैं।
2012 के विधानसभा चुनाव में जिले की सातों सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी मैदान में थे। हालांकि सभी सीटों पर भाजपा को करारी शिकस्त मिली थी। सदर, रानीगंज, पट्टी, विश्वनाथगंज सहित जिलेे की चार विधानसभा सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी। वर्ष 2013 में सपा के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री और विश्वनाथगंज विधायक राजाराम पांडेय का निधन हो गया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के साथ विश्वनाथगंज की सीट पर उपचुनाव हुआ था।जिसमें अपना दल एस ने भाजपा के सामने अपना प्रत्याशी उतारा था। जबकि लोकसभा चुनाव में अपना दल एस से भाजपा का गठबंधन हुआ था। विश्वनाथगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अपना दल एस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के बाद विश्वनाथगंज व सदर सीट समझौते में अद एस के खाते में चली गई। अब 2022 के चुनाव में भाजपा की फिर इन दोनों सीटों पर नजर है। इसे लेकर पार्टी मंथन कर रही है। पिछले दिनों संघ व भाजपा की टीम के द्वारा किए गए सर्वे में मिले फीडबैक के बाद इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पार्टी के जिले के पदाधिकारी भी इसके लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। भाजपा नेता सदर व विश्वनाथगंज सीट को पाले में लाने के लिए पार्टी आलाकमान को यहां के समीकरण से भी अवगत करा रहे हैं। प्रदेश कार्यकारिणी से आने वाले पदाधिकारियों के साथ भी बैठकों में सीटों के उलटफेर को लेकर मंथन हो रहा है। जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र का कहना है कि सदर व विश्वनाथगंज सीट को भाजपा के खाते में लाने के लिए प्रयास चल रहा है। पार्टी आलाकमान को भी इससे अवगत कराया गया है। इन दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी है।भाजपा की निगाह इस बार बाबागंज व रामपुर खास विधानसभा सीट पर भी गड़ी हुई है। बाबागंज विधानसभा सीट आरक्षित है। यहां से राजाभैया समर्थक विनोद सरोज निर्दल विधायक हैं। लंबे समय से यह सीट राजाभैया के कब्जे में है। इसके अलावा रामपुर खास विधानसभा सीट पर कांग्रेस से आराधना मिश्रा मोना विधायक हैं। वर्षों से यह सीट कांग्रेस के कब्जे में हैं। विधायक मोना क्षेत्रीय जनता से निरंतर संपर्क, क्षेत्र के विकास के लिए पिता प्रमोद तिवारी के साथ रातों दिन लगी रहती हैं।इस बार भाजपा इन दोनों सीटों पर भी कमल खिलाने की तैयारी में जुटी हुई है। रामपुर खास में मुख्यमंत्री ने भी जनसभा की थी। अटकलों का खेल चालू हो गया है। सात विधान सभा सीटों में रामपुर खास के साथ अन्य विधान सभा क्षेत्रों के लिए मजबूत प्रत्याशी की तलाश कांग्रेस द्वारा की जा रही है। सदर सीट से डाश नीरज त्रिपाठी की घोषणा की जा चुकी है और वह अपना चुनाव प्रचार पहले से ही चालू कर दिए हैं। इस बार अखिलेश यादव ने अपनी सक्रियता बढ़ा कर सपाइयों में उत्साह भरने का प्रयास कर रहे हैं। सभी दलों द्वारा अपनी प्रत्याशियों की घोषणा करने के बाद आगे की स्थिति का आकलन करना उचित रहेगा।
