स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों को नहीं मिल रहा बेतर उपचार
रीवा
रीवा जिले के देवतालाब में एक दर्जन से ज्यादा गांवों के वाशिंदों को बेहतर व समय पर उपचार देने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अव्यवस्था का शिकार है। पदस्थ कर्मचारियों की मनमानी के चलते उपचार के लिए आने वाले मरीजों को चाय नाश्ता के साथ-साथ दवाई के लिए भी तरसना पड़ रहा है। यहां पदस्थ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य केन्द्र से दूरी बना रखी है। लिहाजा मरीजों को सलाह एवं परीक्षण की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। यही वजह है कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निजी चिकित्सालयों में उपचार लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा उपचार के लिए आने वाले मरीजों के साथ दुव्र्यवहार करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। देवतालब अंचल का एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लम्बे अर्से से बदहाली के आंसु बहा रहा है। बदहाल चल रही चिकित्सा व्यवस्था की वजह से देवतालाब क्षेत्र के लगभग आधा सैंकड़ा गांव के गरीब व श्रमिक तबके के लोगों को बेहतर चिकित्सा के लिए गांव के बाहर अथवा नीम हकीमों की शरण में जाना पड़ रहा है। देखा जाये तो सरकार द्वारा गरीबों के स्वास्थ्य के संबंध में चलाई जा रही जीवन दायनी योजनाओं का भरपूर व सही तरीके से लाभ केवल प्राथमिक सवास्थ्य केन्द्र देवतालाब में पदस्थ कर्मचारियों को ही मिल रहा है। जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केन्द्र में संचालित जननी प्रसव योजना, दीनदयाल उपचार योजना, मरीजों को चाय, नाश्ता, भोजन योजना का लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सा का लाभ न मिलने पर मरीज निजी मेडिकल स्टोर व निजी चिकित्सकों की सेवा लेने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य केन्द्र में गरीबों को उपचार के लिए तीन डॉक्टर नियुक्त किये गये हैं। दुर्भाग्य है कि पीडि़त मानव की सेवा का संकल्प लेने वाले चिकित्सक भी घर बैठकर उपस्थिति पंजी में नियमित हस्ताक्षर करते हुए शासन से वेतन सहित अन्य सुविधाओं का पर्याप्त लाभ ले रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पदस्थ चिकित्सक अस्पताल आने में परहेज कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ. प्रद्मुन शुक्ला मेडिकल ऑफिसर, डॉ. समीक्षा मिश्रा मेडिकल ऑफिसर, डॉ. अर्पिता सिंह आयुर्वेद चिकित्सक के रूप में नियुक्त हैं जिनमें से चिकित्सालय का प्रभार डॉ. समीक्षा मिश्रा के पास होना बताया है। इतना ही नहीं अस्पताल सूत्रों की मानें तो भर्ती होने वालेे मरीजों के उपचार के लिए आने वाली दवाईयों से लेकर मरीजों के चाय, नाश्ता, भोजन आदि में पूरी तरह कमीशन का ग्रहण लगा हुआ है, लिहाजा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ओन वाले मरीजों को हर तरह से अव्यवस्था व बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। लिहाजा देवतालाब का अस्पताल लगभग एक दशक से इन्हीं हालातों से जूझ रहा है। क्षेत्र की गरीब जनता निरंतर चिकित्सा सुविधा से वंचित चल रही है। उपरोक्त तमाम परिस्थितियों के कारण देवतालाब क्षेत्र की जनता में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय समाज सेवियों द्वारा एक ज्ञापन पत्र प्रदेश के राज्यपाल व प्रमुख सचिव सवास्थ्य संचालनालय भोपाल को भेज कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में व्याप्त भ्रष्टाचार व कर्मचारियों की मनमानी सहित उपस्थिति पंजी की जांच लोकायुक्त अथवा अन्य एजेंसी से करते हुए कार्यवाही की मांग की गई है। क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये आज भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। यदि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आवश्यक सुधार कर दिया जाए तो क्षेत्र की जनता को सुविधा मिल सकती है। लोगों का कहना है कि इसके पहले भी स्वास्थ्य केन्द्र की सुविधा को लेकर जिम्मेदार अधिकारियेां से लिखित व मौखिक रूप से शिकायत की गई थी, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका है।
