आत्मा और भगवान में वास्तव में सुख
जौनपुर,
सिगरामऊ बछुआर गांव में अशोक कुमार मिश्र के आवास पर चल रही आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए पंडित अखिलेश चंद्र मिश्र ने कहा कि वास्तव में सुख तो आत्मा व भगवान में ही है, शेष तो सब दुख में ही हैं। कम अभाव वाला भी दुखी रहता है, और अधिक अभाव वाला भी दुखी रहता है। जो आत्मा है वह भगवान को नित्य, सत्यम, आनंद स्वरूप मानकर उनसे जुड़ा रहता है। वह बाहर से गरीब हो या धनी लेकिन, सदा सुखी रहता है। श्रीमद्भागवत का कथन है वह हृदय नहीं है फौलाद है जो भगवान के नाम लेने पर भाव विकारों के वशीभूत न हो जाए, जिनमें रोमांच न हो जाए, वह भावना अध्यारोपित नहीं है।
