एसकेएम ने बनाई आन्दोलन के दूसरे चरण की रणनीति
आन्दोलनरत किसानों की मांगे मानने का लिखित आश्वासन देकर केन्द्र सरकार की वादा खिलाफी से नाराज संयुक्त किसान मोर्च द्वारा तय कार्यक्रम के तहत एसकेएम लखनऊ से जुड़े सगठनों ने सोमवार क ो जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सम्बोधित रोष पत्र भेजा।
इसके पश्चात किसान संगठनों के नेताओं ने पत्रकारों को बताया कि केन्द्र की मोदी सरकार ने लिखित वादा करके तीन महीने बीत जाने के बाद भी न तो एमएसपी पर गारंटी कानून के लिए एसआईटी गठित की और न ही लखीमपुर नरसंहार के साजिशकर्ता अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त किया। इतना ही नहीं किसानों के जख्मों पर नमक डालते हुए नरसंहार के आरोपी आशीष मिश्र को जमानत मिल गयी। सरकार के इस रवैये से किसानों में भारी रोष है। इसे देखते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने विगत 14 मार्च को एक बैठक कर आन्दोलन के दूसरे चरण की रणनीति तैयार की है। संयुक्त किसान मोर्चा
ने सबसे पहले सरकारी वादा खिलाफी के विरुद्ध देशभर से संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति को एक रोषपत्र भेजने का निर्णय लिया। इसी कार्यक्रम के तहत संयुक्त किसान मोर्चा के लखनऊ से जुड़े संगठनों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति को सम्बोधित रोषपत्र सौंपा। इस मौके पर भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश यादव, उत्तर प्रदेश किसान सभा (सम्बद्ध एआईकेएस) के प्रवीण सिंह,जय किसान आन्दोलन के रंजीत यादव व सुधाकर शाही, क्रान्तिकारी किसान यूनियन के सन्तोष ‘परिवर्तक’, युवा भारत के अंश गुप्ता व सचिन कुमार,जनवादी किसान सभा के अजय असुर सहित इन संगठनों के तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
