केडीए और पुलिस से मिलीभगत से बिल्डर पर कॉलेज की जमीन पर कब्जे का लगाया आरोप
नई सडक़ बवाल के मामले में फंडिंग के आरोपी हाजी वसी, उसके बेटे रहमान, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा कानपुर जेल में बंद है। पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा का कहना है कि फंडिंग में हाजी वसी ने जफर हयात को कितने और कब कैसे पैसे दिये इसकी जांच चल रही है। पीएफआई से कनेक्शन की जांच भी की जा रही है फिलहाल अभी तक हाजी वसी, मुख्तार बाबा के पीएफआई कनेक्शन सामने नहीं आये है। पर हर बिंदु की जांच पुलिस गंभीरता से कर रही है।
हाजी वसी एक बिल्डर होने के साथ ही धार्मिक गतिविधियों में भी लिप्त रहा है। पुलिस उसके धार्मिक जुड़ाव की पड़ताल करेगी कि हिंसा के बाद ये उससे पहले वह कहां-कहां गया। साथ ही गिरफ्तारी से पूर्व मीडिया, पुलिस के जरिये वसूली की चर्चाओं पर पुलिस कमिश्नर ने साफ कहा कि अगर ऐसा कोई नाम सामने आएगा, तो उस पर कार्रवाई होगी। पुलिस ने ईमानदारी से अपना काम किया है। तभी हिंसा से जुड़े लोगों को जेल की सलाखों तक भेजा गया है। अन्य लोगों की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि एसआईटी जांच कर रही है।
कानपुर हिंसा मामले में जेल भेजे गए बिल्डर हाजी वसी का एक और कारनामा पुलिस के सामने आया है। पुलिस कमिश्नर को एक गुमनाम पत्र मिला। उसमें आरोप लगाया गया है कि बिल्डर हाजी वसी ने केडीए,जिला प्रशासन और पुलिस से सांठगांठ कर हलीम कॉलेज की 20 हजार वर्ग मीटर जमीन कब्जा कर एक दर्जन से अधिक बहुमंजिला इमारतें बनाकर बेच डालीं। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला कि हलीम कॉलेज के पास एक लाख वर्ग गज जमीन है। मौजूदा समय में इसकी 20 हजार वर्ग गज से ज्यादा जमीन पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी हैं। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा बिल्डर हाजी वसी का है, जिसमें इमारतें,दुकानें और कई गेस्ट हाउस बनवाए गए हैं।
केडीए और पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
हलीम कॉलेज को संचालित करने वाले मुस्लिम एसोसिएशन के पदाधिकारी अब्दुल हसीब का आरोप है कि केडीए और पुलिस से मिलीभगत कर बिल्डर कॉलेज की जमीन पर कब्जे कर रहे हैं।
