सिख फौजी परिवास से अभद्रता पर बाजपुर में रोष
उधमसिंहनगर
सिख समाज के फौजी परिवार का उत्पीडऩ करने पर उप्र पुलिस के खिलाफ लोगों में रोष है। गुरुद्वारा श्रीनानकमत्ता के पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान उपाध्यक्ष जसविदर सिंह गिल ने स्पष्ट किया कि आरोपित पुलिस कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया तो मामला शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व अन्य धाॢमक मंचों पर उठाया जाएगा। गिल ने घटना की जानकारी देते हुए अवगत कराया कि माधो टांडा जनपद पीलीभीत निवासी पूर्व सैनिक रेशम सिंह अपने परिवार की कुछ महिला सदस्यों के साथ रिश्तेदारी में हुई मौत पर अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। इसी बीच उप्र पुलिस द्वारा उनको रोक कर पहले 18500 रुपये का चालान काटा गया। इतना ही नहीं चालानी कार्रवाई होने के उपरांत भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए परिवार की महिलाओं के साथ गाली-गलौज की गई। जिसका विरोध करने पर पुलिस कर्मियों द्वारा सभी को थाने ले जाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया है। जिसमें फौजी के साथ ऐसी अमानवीय घटना की गई है, जिसको बयां नहीं किया जा सकता है। गिल ने कहा कि एक तरफ सिख समाज इस कोरोनाकाल में भी ऑक्सीजन सिलिडर की सेवा हो या भोजन, दवाइयां इत्यादि की व्यवस्था पूरी तन्मयता के साथ कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ समाज के लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना शर्मनाक तो है। साथ ही हमारे देश की एकता व अखंडता की सामाजिक व्यवस्था को ठेस पहुंचाने वाला है। ऐसे में उप्र की योगी सरकार को चाहिए कि सभी आरोपितों को दर्ज मामले में तत्काल गिरफ्तार करवाने का काम करे और जो रेशम सिंह फौजी के परिवार पर मतगणना स्थल पर बिना पास के जाने का झूठा मामला बनाया गया है उसे तत्काल खारिज किया जाए। गिल ने कहा कि उनकी अन्य जत्थेबंदियों से भी बातचीत चल रही है, यदि सरकार ने जल्द ही सार्थक कदम नहीं उठाए तो जल्द ही शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित अनेक मंचों पर मामले को उठाया जाएगा और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
