सीएचसी साहिया को बचाने की कवायद शुरु
विकासनगर। अमलावा नदी के उफान पर आने भूस्खलन की जद में आ चुके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया को बचाने के लिए प्रशासन सतर्क हो गया है। अस्पताल भवन की ओर जाने वाले बहाव को जेसीबी से दूसरी ओर मोड़ा जा रहा, जिससे भवन के नीचे हो रहे भू-कटाव को रोका जा सके। अमलावा के उफान के इतिहास को देखते हुए प्रशासन की कवायद कितनी कारगर होती है, यह तो चौमासा समाप्त होने के बाद ही पता चलेगा।
बीते दो दिनों हुई भारी बारिश से अमलावा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। अमलावा के उद्गम क्षेत्रों में अभी भी बारिश जारी है, जिससे जलस्तर और बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में खतरे की जद में आ चुके सीएचसी साहिया के भवन को अमलावा के बहाव से रोकने के लिए प्रशासन ने रविवार से नदी का रुख बदलने की कवायद शुरू कर दी है। हालांकि स्थानीय जानकार बताते हैं कि पहले भी कई बार बस्तियों का बचाने के लिए अमलावा का रुख बदलने की कोशिश की गई, लेकिन जलस्तर बढ़ने पर नदी अपने मूल बहाव की दिशा में ही बहने लगती है, जिससे बड़ा नुकसान होता है। अभी चौमासा शुरू ही हुआ है, जैसे जैसे बरसात चरम पर पहुंचेगी वैसे ही अमलावा का वेग भी बढ़ेगा। लिहाजा सिर्फ नदी का रुख बदलने से ही सीएचसी के भवन समेत खतरे की जद में आ चुके अन्य बस्तियों से खतरा टलना मुश्किल है। इसके लिए स्थाई उपाय किए जाने जरूरी हैं। वहीं प्रशासन का पूरा जोर फिलहाल सीएचसी पर मंडरा रहे खतरे को कम करने पर लगा हुआ है। इसके लिए नदी का रुख दूसरी ओर किया जा रहा है। जिससे नदी का वेग बढ़ने पर पानी एक ही दिशा में बहने के बजाय दूसरी ओर भी मुड़ जाए। बहरहाल, प्रशासन की कवायद कितनी सफल होती है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
खतरे की जद में आ चुकी सीएचसी साहिया को बचाना प्राथमिकता है। इसके लिए फौरी तौर पर जो भी उपाय हो सकते हैं, वो किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्थाई समाधान तलाशने के निर्देश भी दिए गए हैं। बरसात समाप्त होने के बाद सुरक्षा के स्थाई इंतजाम किए जाएंगे। -युक्ता मिश्रा, एसडीएम
