पर्यावरण के लिए हरेला जैसे पर्वों की जरुरत
देहरादून। एक माह चलने वाले हरेला उत्सव के तहत धाद संस्था के आयोजन का कारवां 11 वें दिन राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नत्थनपुर पहुंचा। स्कूली बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरुक किया गया और परिसर में पौधे रोपे गए। धाद का परिचय देते हुए उपाध्यक्ष गणेश उनियाल ने बताया कि हरेला उत्सव के तहत इस साल अभी तक जीजीआईसी कौलागढ़, विकास लोक कॉलोनी नत्थनपुर, सुशीला मेडिकल कॉलेज, दून वर्ल्ड स्कूल, दत्ता एनकलेव जैसी जगहों पर जाकर हरेला का महत्व बताया गया है। बनिया वाला में समाज के सहयोग से बाल वन को विकसित करने की शुरूआत हुई है। कोना कक्षा की सचिव आशा डोभाल ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए हरेला जैसे पर्वों की जरूरत है। शिक्षक राजेन्द्र नेगी ने धाद की मुहिम की प्रशंसा की। संचालन अर्चना ग्वाड़ी ने किया। मौके पर सुशीला गुसांई, धाद स्मृति वन सचिव नीना रावत, ज्योति जोशी, अंशु पाठक, किरण जुगराण, किरण बिष्ट, साकेत रावत, कंचन बुटोला, चंद्र बाला शुक्ला, शुभम मौजूद रहे।
