परगना में प्रतिबंधित कटीले तार लगाने पर मुकदमा दर्ज होगा .-आर के राजवंशी उपजिलाधिकारी
डेरापुर कानपुर
शुक्रवार को उपजिलाधिकारी आर के राजवंशी ने कटीले तारो को लेकर जानकारी दी उपजिलाधिकारी ने कहा कि फसल सुरक्षा के लिए अब किसान खेत की मेड़ पर ब्लेड वाले कटीले तार नहीं लगा सकेंगे। जिला प्रशासन के निर्देशन में तहसील प्रशासन ने पशु क्रूरता रोकने के लिए तार को प्रतिबंधित कर दिया है। विशेष सचिव के निर्देश पर डीएम ने सभी एसडीएम व थानाध्यक्षों को भी आदेश जारी कर दिए है। उन्होंने 13 जुलाई 2021 को निर्गत शासनादेश का हवाला देते हुए ब्लेड वाले, कटीले तारों के स्थान पर साधारण तार अथवा रस्सी के प्रयोग की सलाह दी है।
परगना में बेसहारा पशु बहुतायत में विचरण करते है। सैकड़ों के झुंड में घूमने वाले पशु पल भर में ही लागत व मेहनत से तैयार फसल को चट कर जाते है। इसलिए फसल सुरक्षा के लिए किसान ब्लेडवाले कटीले तारों का प्रयोग करते है। ब्लेड वाले तारों की चपेट में आने से पशु घायल हो जाते है। अब शासन ने ब्लेड वाले तार को प्रतिबंधित कर दिया है। जो भी किसान ब्लेड वाले कटीले तारों लगाएंगे, उनके खिलाफ पशुओं को अनावश्यक पीड़ा, यातना पहुंचाने, अंग विच्छेद करने तथा अनावश्यक क्रूर ढंग से पशु को मार डालने व पशु को सताने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
