महाप्रबंधक ने एनसीआरएमयू के साथ स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक
प्रयागराज
महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे प्रमोद कुमार ने यूनियन एनसीआरएमयू के साथ दो दिवसीय स्थाई वार्ता तंत्र बैठक शुरू की। महाप्रबंधक ने कहा कि विगत वर्ष से कोविड रूपी महामारी के कारण देश को अत्यधिक मुश्किल का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद उत्तर मध्य रेलवे ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इन उपलब्धियों का श्रेय रेलकर्मियों की कार्यनिष्ठा व प्रतिबद्धता को जाता है। एनसीआरएमयू का रेलवे प्रशासन को सतत् सहयोग मिला है तथा सकारात्मक सहभागिता रही है।
महाप्रबंधक ने बताया कि, केन्द्रीय चिकित्सालय, प्रयागराज, मंडल चिकित्सालय, झांसी व आगरा तथा उपमंडलीय चिकित्सालय कानपुर में विशेष फीवर क्लीनिक स्थापित की गई तथा कोरोना का टीकाकरण किया जा रहा है। जहॉं रेलकर्मियों, उनके परिजनों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य नागरिकों का भी टीकाकरण किया जा रहा है। 56,575 कर्मचारियों को कोविड का पहला टीका एवं 16,878 कर्मचारियों को दोनों टीके लगाए गए हैं। केन्द्रीय चिकित्सालय में 100 शय्या का कोविड वार्ड, जिसमें 10 आईसीयू बेड तथा बच्चों के लिए 10 बेड का आईसीयू वार्ड निर्मित किया गया है।
महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने कहा कि वर्ष 2021-22 में 6229 अभ्यर्थियों का पैनल रेल भर्ती बोर्ड से प्राप्त हुआ, जिनमें नियुक्ति की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, सीधी भर्ती के अन्तर्गत स्टेशन मास्टर के 344, गुड्स गार्ड के 1014, कॉमर्शियल-सह-टिकट क्लर्क के 709, ऑफिस क्लर्क 480 पदों सहित अन्य एनटीपीसी कोटियों के रिक्तयों के लिये कुल 2873 तथा लेवल-1 के 4697 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है तथा एनटीपीसी कोटियों के लिए प्रथम चरण की परीक्षाएं सम्पन्न कराई जा चुकी हैं। उन्होने बताया कि कोविड महामारी के कारण जिन रेल कर्मियों का दुःखद निधन हुआ है, लगभग उन सभी मामलों में सेटेलमेंट राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार, उन मामलों मे अनुकम्पा आधार पर नियुक्ति भी दे दी गई है अथवा प्रक्रियाधीन हैं। वर्ष 2021 में अगस्त तक अनुकम्पा नियुक्ति के 305 मामलों का निस्तारण किया गया। इस वर्ष कर्मचारियों की शिकायतों से संबंधित कुल 2288 मामले इस कार्यलाय में स्थित निराकरण सेल को विभिन्न स्रोतों से प्राप्त हुए तथा 2285 मामलों का निष्पादन किया गया।
बैठक में महामंत्री एआईआरएफ एवं जोनल अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा ने चिकित्सकीय एवं अन्य स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए सराहना की। उन्होंने रेल कर्मियों को फ्रंटलाइन स्टाफ में शामिल करने कि मांग की और कहा कि, इस महामारी के दौरान हमने संपूर्ण भारतीय रेल में अपने 3000 साथियों को खोया है पर किसी रेलकर्मी ने पीठ नही दिखाई। श्री मिश्रा ने रेल कर्मियों के आवास की स्थिति मे सुधार, कर्मचारियों को देय भत्तों का समयबद्ध तरीके से भुगतान समेत अन्य विषयों को उठाया। आर.डी यादव ने रेल कर्मियों के कोरोना काल में 30 सितम्बर तक स्थगित स्थानान्तरण को वर्तमान सेशन के अंत तक ना किए जाने की मांग की। उन्होंने कर्मचारियों के पदोन्नति तथा बिना उचित स्तर पर अनुमोदन के ड्यूटी लिस्ट मे परिवर्तन के विषयों को उठाया। इस क्रम में कार्यालयो में बढ़ते डिजिटलीकरण के दृष्टिगत नए कम्प्यूटर एवं पिं्रटर आदि की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त उत्तर मध्य रेलवे के तीनों मंडलों से आए अन्य प्रतिनिधियों ने भी कर्मचारी हित से जुड़े अन्य मुद्दों को बैठक में उठाया। बैठक में महामंत्री एआईआरएफ एवं जोनल अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा, जोनल महामंत्री आर.डी यादव, यूनियन के अन्य पदाधिकारी तथा मुख्य कार्मिक अधिकारी औद्योगिक अवधेश कुमार एवं मुख्यालय के प्रमुख विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
