अचानकमार की शेरनी का हुवा तबियत खराब,डॉक्टरो की देखभाल में चल रहा ईलाज
बिलासपुर।
अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगल से रेस्क्यू कर लाई गई बाघिन का कानन पेंडारी में पांच माह से इलाज किया जा रहा है। लेकिन अभी तक वह स्वस्थ्य नहीं हो पाई है। शुक्रवार की सुबह बाघिन की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जू कीपर ने कानन अधीक्षक संजय लूथर को बताया कि बाघिन अपने पैर से उठ नहीं पा रही है। इसके चलते वह क्राल से बाहर नहीं निकल रही है। जू प्रबंधन ने पशु चिकित्सक से जांच कराया, तब पता चला कि उसके कमर में सूजन है। स्थानीय डॉक्टरों से स्थिति नहीं संभलने पर आला अधिकारियों को सूचना दी गई। अचानकमार टाइगर रिजर्व के जंगल से रेस्क्यू कर लाइन गई बाघिन रजनी की तबीयत बिगड़ गई है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। लिहाजा, इलाज के लिए दुर्ग से विशेषज्ञ बुलाना पड़ा। उन्होंने बाघिन का इंफ्रारेड फीजियोथेरैपी कराने के सुझाव दिया है। बाघिन अपने पैरों से खड़ा नहीं हो पा रही है। अचानकमार टाइगर रिजर्व में 6 जून को बाघिन को घायल अवस्था में देखा गया था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को दी। लेकिन, शुरूआत में मैदानी अमले ने कोई ध्यान नहीं दिया। तब उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। उनके निर्देश पर मैदानी अमला सक्रिय हुआ। तब जाकर दो दिन बाद 8 जून को एटीआर के हाथी के पीठ में बैठकर बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज किया गया और रेस्क्यू कर कानन पेंडारी लाया गया।
