Friday, October 16, 2026
UTTAR PRADESH

ब्यूटीशियन और कंप्यूटर विशेषज्ञ बनने का सपना होगा पूरा 

लखनऊ
गांव की महिलाएं और लड़कियां को सशक्त बनाने और रोजगार के अवसर प्रदान करने की दृष्टि से कौशल विकास कार्यक्रम का उद्घाटन  आज इटौंजा में लक्ष्मी स्मृति विद्यादान संस्थान (एलएसवीएस) में किया गया।  जिसका उद्देश्य इन ग्रामीण महिलाओं के ब्यूटीशियन, दर्जी और कंप्यूटर विशेषज्ञ बनने के सपने को पूरा किया जा सके। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मी स्मृति विद्यादान संस्थान, स्टडी हॉल एजुकेशनल फाउंडेशन (शेफ) और जन शिक्षण संस्थान (कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत) द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। इस कार्यक्रम के तहत तीन कोर्स ब्यूटीशियन, सिलाई मशीन ऑपरेटर और डाटा एंट्री ऑपरेटर चलाए जायेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईटीआई अलीगंज के प्रधानाचार्य, समन्वयक जिला कौशल कार्यक्रम और नोडल अधिकारी श्री आर एन त्रिपाठी ने की। उद्घाटन समारोह में शेफ की संस्थापिका और सीईओ डॉ. उर्वशी साहनी, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आईबी सिंह और जन शिक्षण संस्थान के निदेशक श्री अनिल कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। जो इटौंजा के लक्ष्मी स्मृति विद्यादान संस्थान में संचालित किये जायेगें। मुख्य अतिथि श्री आर एन त्रिपाठी ने कहा “मैं आसपास के गांवों से आये सभी अभिभावकों को देखकर बहुत खुश हूं और मैं अधिक से अधिक छात्रों से इस कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह करता हूं।”
       लक्ष्मी स्मृति विद्यादान संस्थान के संरक्षक श्री आई बी सिंह ने कहा “मैंने अपनी पत्नी की स्मृति के सम्मान में यह परियोजना शुरू की है। मेरी पत्नी हमेशा एक संस्थान शुरू करने का सपना देखा करती थीं। जहाँ पर बच्चों को रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।” शेफ की संस्थापिका और सीईओ डॉ उर्वशी साहनी ने कहा “मैं भीड़ में कई विवाहित महिलाओं को देख रही हूं जो इस कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छुक हैं। मैं उन सभी महिलाओं को प्रेरित करना चाहूंगी क्योंकि मैंने भी शादी के बाद ही अपनी सारी उच्च शिक्षा पूरी की।
यह कार्यक्रम एक उत्कृष्ट महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल है जो महिलाओं और लड़कियों को उनकी स्वतंत्रता की जिम्मेदारी लेने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।”
      स्टडी हॉल एजुकेशनल फाउंडेशन ने क्षेत्र आसपास गावों में 10 ज्ञानसेतु केंद्रों के साथ एक ऑनलाइन नर्सरी शिक्षक प्रशिक्षण (NTT) पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। ज्ञानसेतु केंद्र ग्रामीण और शहरी इलाकों में छोटे शिक्षण सहायता केंद्र हैं जहां पर ऐसे बच्चों को शिक्षित किया जाता है जो गरीबी, लिंग और जातिगत कारणों से स्कूल जाने से वंचित हैं। इन ज्ञानसेतु केंद्रों में शिक्षकों द्वारा बाल-विवाह, लड़कियों के शिक्षा के अधिकार और घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों पर नियमित रूप से चर्चा होती है। पिछले कुछ वर्षों में ज्ञानसेतु ने उत्तर प्रदेश के 6 जिलों में 3000 से अधिक बच्चों की सेवा करते हुए 100 केंद्रों का एक मजबूत नेटवर्क बनाया है। ज्ञानसेतु केंद्रों के अथक प्रयास से अब तक 684 बच्चे (जिनमें से 70% लड़कियां हैं) औपचारिक स्कूलों में स्थानांतरित हो चुके हैं।

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