लोक गीत और लोक परम्पराएं हैं हमारी धरोहर: मानसी रघुवंशी
चित्रकूट
युवा लोकगायिका मानसी रघुवंशी ने लोक संस्कृति को संजोने की आवश्यकता बताई। रामायण मेले में अपनी प्रस्तुति देने आईं मानसी ने कहा कि लोकगीत आदि हमारी धरोहर हैं और इनको बचाना सबकी जिम्मेदारी है।
शुक्रवार को मानसी ने विशेष बातचीत में कहा कि किसी भी देश की पहचान वहां की संस्कृति होती है। लोक संस्कृति और लोक परंपराओं से भावी पीढिय़ों को अपने संस्कार और परंपराओं के बारे में बताने में आसानी होती है। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि अब युवा अपनी संस्कृति की ओर देख रहे हैं और उससे आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में लोककलाओं को संरक्षित रखने के लिए लोगों को आगे आना होगा। धरोहर सांस्कृतिक दल लखनऊ की सदस्य व दूरदर्शन की कलाकार मानसी ने प्रदेश व अन्य प्रदेशों में प्रस्तुतियां दी हैं। रामायण मेले में मानसी की भजन और गीतों की प्रस्तुति पर जमकर सराहना हुई। उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए मानसी व उनकी टीम के ऋषिराज पांडेय, नीतीश सिंह सूर्यवंशी को भाजपा पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्र, मेले के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया व महामंत्री करुणाशंकर द्विवेदी ने अंगवस्त्र व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
