सर्जरी के दौरान की जटिलताओं पर मंथन
देहरादून।
देहरादून सोसायटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की ओर से ऑपरेशन के दौरान आने वाली जटिलताओं पर वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें देश और बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका, यमन, इथोपिया, तुनीसिया, इजिप्ट से करीब 200 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। डा. सुबोध चतुर्वेदी ने कई रोचक ऑपरेशनों के बारे में बताया। डा. पारूल जिंदल, डा. विजय त्यागी, डा. प्रितिश रंजन, डा. मंदर, डा. अतुल कुमार सिंह, डा. एसपी गौतम ने तमाम जटिलताओं पर मंथन किया और उनके समाधान के तरीके बताए। भूटान से डा. कर्मा किंगा, काबुल से डा. अब्दुल आहद, डा. मोहम्मद सफदरी, नेपाल से डा. कमल रस्तौगी, इजिप्ट से डा. अब्दुल रहमान ने महत्वपूर्ण टिप्स दिए। सभी ने कहा कि सर्जरी व्यक्ति के जीवन का अहम पड़ाव होता है। जिसमें एनेस्थेटिस्ट की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। अब सर्जरी गंभीर परिस्थितियों में रोगियों में की जा रही है और सर्जन के साथ-साथ गुणवत्ता देखभाल प्रदान करने के लिए एक एनेस्थेटिस्ट की बहुत जरूरत होती है। सर्जरी के दौरान हृदय पर प्रभाव, दर्द या रोगी की अंतः क्रियात्मक घटनाएं हो सकती है। एनेस्थेटिस्ट अपने प्रयासों से इन जटिलताओं को रोक सकता है और मरीज की आसान सर्जरी करा सकता है।
